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हर्निया का ऑपरेशन

Hernia Surgery in Bhopal | आंत उतरने का इलाज

लेप्रोस्कोपिक मेश रिपेयर - 99% सफलता दर, 1-2% से कम दोबारा होने की संभावना

हर्निया क्या है?

हर्निया तब होता है जब कोई अंग (आमतौर पर आंत) पेट की मांसपेशियों की कमजोर जगह से बाहर निकल आता है। इसे आम भाषा में “आंत उतरना” भी कहते हैं। यह पेट के निचले हिस्से, नाभि के पास, या पुरानी सर्जरी की जगह पर हो सकता है।

महत्वपूर्ण: हर्निया अपने आप ठीक नहीं होता और समय के साथ बड़ा होता जाता है। इलाज में देरी से गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

हर्निया के प्रकार

इंगुइनल हर्निया (Inguinal)

जांघ के ऊपर, पेट के निचले हिस्से में। पुरुषों में सबसे आम।

अम्बिलिकल हर्निया (Umbilical)

नाभि के पास। बच्चों और महिलाओं में आम।

इंसीजनल हर्निया (Incisional)

पुरानी सर्जरी के चीरे की जगह पर।

हाइटल हर्निया (Hiatal)

पेट का ऊपरी हिस्सा छाती में चला जाता है।

हर्निया के लक्षण

  • उभार या गांठ - पेट या जांघ के पास दिखाई देने वाली गांठ
  • दर्द - खासकर उठाने, खांसने या झुकने पर
  • भारीपन - प्रभावित जगह पर भारीपन या खिंचाव
  • जलन - गांठ की जगह पर जलन या दर्द

⚠️ इमरजेंसी: अगर गांठ लाल/बैंगनी हो जाए, तेज दर्द हो, उल्टी हो, या गांठ अंदर न जाए - तुरंत हॉस्पिटल जाएं!

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल: क्या हर्निया बिना ऑपरेशन ठीक हो सकता है?

जवाब: नहीं। हर्निया कभी अपने आप ठीक नहीं होता। कोई दवाई, व्यायाम या बेल्ट इसे ठीक नहीं कर सकता। ऑपरेशन ही एकमात्र स्थायी इलाज है। हर्निया बेल्ट केवल अस्थायी राहत देती है और लंबे समय तक इस्तेमाल से नुकसान हो सकता है।

सवाल: हर्निया का ऑपरेशन कैसे होता है?

जवाब: आजकल हर्निया का ऑपरेशन दो तरीकों से होता है:

  • 1. लेप्रोस्कोपिक (दूरबीन विधि): 3 छोटे छेद, मेश लगाई जाती है, 1 दिन में छुट्टी
  • 2. ओपन सर्जरी: बड़ा चीरा, मेश लगाई जाती है, 2-3 दिन रुकना पड़ता है

लेप्रोस्कोपिक विधि में कम दर्द होता है और जल्दी रिकवरी होती है।

सवाल: हर्निया में मेश क्यों लगाई जाती है?

जवाब: मेश एक विशेष जाली है जो कमजोर मांसपेशियों को मजबूती देती है। मेश के बिना हर्निया के दोबारा होने की संभावना 10-15% होती है, जबकि मेश लगाने पर यह 1-2% से भी कम हो जाती है। आधुनिक मेश शरीर में घुल जाती है और कोई तकलीफ नहीं देती।

सवाल: हर्निया का ऑपरेशन में कितना समय लगता है?

जवाब: लेप्रोस्कोपिक हर्निया ऑपरेशन में 30-60 मिनट लगते हैं। ओपन सर्जरी में 45-90 मिनट लग सकते हैं। मरीज को सुबह भर्ती किया जाता है और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के बाद अगले दिन छुट्टी मिल जाती है।

सवाल: हर्निया ऑपरेशन के बाद कब काम पर जा सकते हैं?

जवाब: लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के बाद:

  • ऑफिस का काम: 1 हफ्ते में
  • हल्का काम: 2 हफ्ते में
  • भारी काम/व्यायाम: 4-6 हफ्ते बाद

सवाल: हर्निया का इलाज न कराने पर क्या होता है?

जवाब: बिना इलाज हर्निया:

  • बड़ा होता जाता है - दर्द और तकलीफ बढ़ती है
  • फंस सकता है (Incarceration) - आंत बाहर फंस जाती है
  • गला घुट सकता है (Strangulation) - खून की सप्लाई रुक जाती है - इमरजेंसी!

इसलिए हर्निया का समय पर इलाज जरूरी है।

सवाल: भोपाल में हर्निया का ऑपरेशन कहां कराएं?

जवाब: भोपाल के इंद्रापुरी में आर.के. हॉस्पिटल में डॉ. राजेश कानूनगो हर्निया का लेप्रोस्कोपिक और ओपन दोनों तरह का ऑपरेशन करते हैं। उन्हें 34 वर्षों का अनुभव है और उन्होंने सैकड़ों सफल हर्निया ऑपरेशन किए हैं। फोन: 0755-4260605

लेप्रोस्कोपिक vs ओपन हर्निया सर्जरी

पहलूलेप्रोस्कोपिकओपन सर्जरी
चीरा3 छोटे छेद (5-10 मिमी)5-8 सेमी का चीरा
दर्दकमज्यादा
हॉस्पिटल में रहना1 दिन2-3 दिन
काम पर वापसी1 हफ्ता2-3 हफ्ते
दोबारा होने की संभावना1-2%1-2%
दोनों तरफ की हर्नियाएक ही बार मेंअलग-अलग ऑपरेशन

डॉ. राजेश कानूनगो

वरिष्ठ सर्जन एवं निदेशक, आर.के. हॉस्पिटल, इंद्रापुरी भोपाल

  • अनुभव: 34 वर्ष
  • योग्यता: MBBS, MS (Surgery), FIAGES, FMAS, FALS (Robotics)
  • विशेष प्रशिक्षण: IRCAD फ्रांस, बेल्जियम से लेप्रोस्कोपिक सर्जरी
  • विशेषज्ञता: लेप्रोस्कोपिक हर्निया रिपेयर, इंगुइनल, अम्बिलिकल, इंसीजनल हर्निया

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हर्निया को नजरअंदाज न करें। जितनी जल्दी इलाज, उतनी आसान सर्जरी।

OPD समय: सुबह 9-12, शाम 5:30-9 बजे | रविवार: सुबह 10-1 बजे

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